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भारतीय राजनीतिक दलों के प्रकार: राष्ट्रीय व क्षेत्रीय दल (पूरा विस्तृत गाइड)

भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, और यहाँ चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाने में राजनीतिक दलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राजनीतिक दल न केवल जनता और सरकार के बीच सेतु का काम करते हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, नीतियों के निर्धारण और जनता की आकांक्षाओं

October 11, 2025 · 👁 40 views
भारतीय राजनीतिक दलों के प्रकार: राष्ट्रीय व क्षेत्रीय दल (पूरा विस्तृत गाइड)

1. राजनीतिक दल क्या होते हैं?

राजनीतिक दल एक ऐसी संगठित इकाई है जिसमें एक समान विचारधारा वाले लोग शामिल होते हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य:

● चुनाव लड़ना
● सरकार बनाना
● नीतियाँ बनाना
● समाज में सुधार लाना

राजनीतिक दल किसी भी लोकतंत्र की नींव होते हैं।

2. भारत में राजनीतिक दलों के प्रकार

भारत में राजनीतिक दलों को मुख्यतः दो श्रेणियों में बाँटा गया है:

  1. राष्ट्रीय राजनीतिक दल
  2. क्षेत्रीय (राज्य स्तरीय) राजनीतिक दल

ये दोनों दल देश की राजनीति में अलग-अलग भूमिकाएँ निभाते हैं।

3. राष्ट्रीय राजनीतिक दल (National Parties) क्या होते हैं?

राष्ट्रीय दल वे पार्टियाँ होती हैं जो पूरे देश या अधिकतर राज्यों में अपनी राजनीतिक उपस्थिति बनाए रखती हैं।

राष्ट्रीय दल की पहचान कैसे होती है? (ECI मानदंड)

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) राष्ट्रीय दल को मान्यता देने के लिए निम्न मापदंड रखता है:

मापदंड 1
पार्टी को कम से कम 4 या अधिक राज्यों में वैध राज्य स्तरीय दल का दर्जा होना चाहिए।

या

मापदंड 2
लोकसभा चुनाव में पार्टी को कुल वैध वोटों का 6% मिले + कम से कम 4 सीटें मिलें।

या

मापदंड 3
लोकसभा में कुल 543 में से कम से कम 2% (यानी 11 सीटें) जीतना आवश्यक है।

अगर पार्टी इन शर्तों को पूरा करती है, तो उसे राष्ट्रीय दल घोषित किया जाता है।

4. भारत के प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक दल

वर्तमान समय में भारत में मान्यता प्राप्त प्रमुख राष्ट्रीय दल शामिल हैं:

● भारतीय जनता पार्टी (BJP)
● भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)
● बहुजन समाज पार्टी (BSP)
● राष्ट्रीय जनता दल (RJD)* (यदि स्टेटस लागू)
● आम आदमी पार्टी (AAP)
● राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP)*
● राष्ट्रीय पीपल्स पार्टी (NPP)

(नोट: राष्ट्रीय दलों की सूची समय-समय पर चुनाव आयोग द्वारा बदली जाती है।)

5. राष्ट्रीय दलों की विशेषताएँ

राष्ट्रीय दलों की खास बातें:

● देशव्यापी उपस्थिति
● राष्ट्रीय मुद्दों पर ध्यान
● देश के अधिकांश राज्यों में संगठन
● केंद्र सरकार में प्रमुख भूमिका
● बड़े पैमाने पर चुनाव अभियान
● स्थायी चुनाव चिह्न

6. क्षेत्रीय (State Level / Regional) राजनीतिक दल क्या होते हैं?

क्षेत्रीय दल वे पार्टियाँ होती हैं जिनका प्रभाव मुख्य रूप से किसी एक राज्य या कुछ राज्यों तक सीमित होता है।

इनकी नीतियाँ विशेषतौर पर:

  • राज्य के विकास
    • स्थानीय जनता की समस्याएँ
    • भाषा, संस्कृति, क्षेत्रीय अधिकार

पर केंद्रित होती हैं।

क्षेत्रीय दल की पहचान कैसे होती है? (ECI मानदंड)

निर्वाचन आयोग किसी पार्टी को राज्य स्तरीय दल तब मानता है जब:

◆ विकल्प 1
पार्टी को राज्य विधानसभा या लोकसभा चुनाव में 6% वोट + कम से कम 2 सीटें मिलें।

या

विकल्प 2
राज्य विधानसभा में 3% सीटें या 3 सीटें — जो भी अधिक हो — जीतें।

या

विकल्प 3
लोकसभा में राज्य की कुल सीटों का 1 सीट या अधिक जीतें।

7. भारत के प्रमुख क्षेत्रीय दल

भारत के कई राज्यों में प्रभावशाली क्षेत्रीय पार्टियाँ हैं। कुछ प्रमुख पार्टियाँ:

◆ पश्चिम बंगाल
• तृणमूल कांग्रेस (TMC)

◆ तमिलनाडु
• DMK
• AIADMK

◆ महाराष्ट्र
• शिवसेना
• MNS

◆ उत्तर प्रदेश
• समाजवादी पार्टी (SP)
• राष्‍ट्रीय लोक दल (RLD)

◆ बिहार
• JDU
• HAM

◆ ओडिशा
• बीजू जनता दल (BJD)

◆ आंध्र प्रदेश
• वाईएसआर कांग्रेस
• TDP

◆ तेलंगाना
• BRS (पूर्व TRS)

ये पार्टियाँ अपने-अपने राज्यों की राजनीति को गहराई से प्रभावित करती हैं।

8. राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों में अंतर

आधारराष्ट्रीय दलक्षेत्रीय दलप्रभाव क्षेत्रपूरे देश मेंएक या कुछ राज्यों मेंमुद्देराष्ट्रीय मुद्देस्थानीय/राज्य मुद्देसंगठनबड़ा, मजबूतराज्य स्तर पर केंद्रितचुनाव चिह्नस्थायीराज्य आधारितकेंद्र में भूमिकामहत्वपूर्णगठबंधन की राजनीति में प्रभावी

9. भारतीय राजनीति में क्षेत्रीय दलों की बढ़ती भूमिका

1990 के बाद से भारत में क्षेत्रीय दलों का प्रभाव काफी बढ़ा है।

कारण:

● राज्यों की अलग-अलग समस्याएँ
● गठबंधन राजनीति
● क्षेत्रीय पहचान की मजबूती
● स्थानीय नेताओं का उदय

आज कई क्षेत्रीय दल केंद्र की सत्ता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

10. भारतीय लोकतंत्र में राजनीतिक दलों की भूमिका

राजनीतिक दल भारत के लोकतंत्र की रीढ़ हैं।

इनकी मुख्य भूमिकाएँ:

● सरकार बनाना
● नीतियाँ तैयार करना
● जनता की समस्याएँ उठाना
● सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना
● चुनाव प्रक्रिया को सशक्त बनाना
● संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना

निष्कर्ष

भारत में राजनीतिक दलों की दो श्रेणियाँ — राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल — देश के लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। राष्ट्रीय दल जहाँ देश की बड़ी राष्ट्रीय नीतियों पर काम करते हैं, वहीं क्षेत्रीय दल स्थानीय समस्याओं को उठाकर लोकतंत्र को ज़मीनी स्तर पर मजबूत करते हैं।

एक मजबूत और संतुलित लोकतंत्र में दोनों प्रकार के राजनीतिक दल बेहद जरूरी हैं।

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