1. भारत की शासन प्रणाली कैसे काम करती है?
भारत में संविधान यह तय करता है कि कौन-सी सरकार कौन-से काम करेगी।
संविधान के सातवीं अनुसूची (7th Schedule) में तीन सूचियाँ हैं:
- संघ सूची (Union List) – केवल केंद्र सरकार के अधिकार
2. राज्य सूची (State List) – केवल राज्य सरकार के अधिकार
3. समवर्ती सूची (Concurrent List) – दोनों के अधिकार, लेकिन विवाद होने पर केंद्र का कानून लागू
2. केंद्र सरकार क्या होती है?
केंद्र सरकार, जिसे Union Government / Central Government भी कहते हैं, पूरे भारत देश के लिए शासन चलाती है। यह राष्ट्रीय स्तर के फैसले लेती है।
केंद्र सरकार के प्रमुख अंग
- राष्ट्रपति
- प्रधानमंत्री और कैबिनेट मंत्री
- संसद (लोकसभा + राज्यसभा)
- केंद्र सरकार के मंत्रालय
केंद्र सरकार कौन-कौन से काम करती है?
केंद्र सरकार राष्ट्रीय महत्व के मामलों को संभालती है:
1. रक्षा और सुरक्षा
- भारतीय सेना
- एयरफोर्स
- नेवी
2. विदेश नीति
- अन्य देशों से संबंध
- अंतरराष्ट्रीय संधियाँ
3. राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था
- केंद्रीय बजट
- GDP
- विदेशी व्यापार
- रिज़र्व बैंक का नियंत्रण
4. रेल, हवाई यात्रा, अंतरराज्यीय परिवहन
- भारतीय रेल
- हवाई अड्डे
- राष्ट्रीय राजमार्ग
5. परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष कार्यक्रम
- ISRO
- परमाणु संयंत्र
6. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन
7. केंद्रीय कानून
- भारतीय दंड संहिता (IPC)
- IT एक्ट
- GST कानून
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार देश के व्यापक हित में निर्णय लेती है।
3. राज्य सरकार क्या होती है?
राज्य सरकार किसी विशेष राज्य के प्रशासन को संभालती है।
भारत के 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों में से हर राज्य की अपनी सरकार होती है।
राज्य सरकार के प्रमुख अंग
- राज्यपाल
- मुख्यमंत्री और मंत्री परिषद
- राज्य विधानसभा (Vidhan Sabha)
- राज्य पुलिस और प्रशासन
राज्य सरकार कौन-कौन से काम करती है?
राज्य सरकार स्थानीय जनता के जीवन से जुड़े मुद्दे संभालती है:
1. पुलिस और कानून-व्यवस्था
- राज्य पुलिस
- अपराध रोकना
- ट्रैफिक नियंत्रण
2. शिक्षा (स्कूल और कॉलेजों का प्रबंधन)
- सरकारी स्कूल
- राज्य विश्वविद्यालय
- शिक्षक नियुक्ति
3. स्वास्थ्य सेवा
- राज्य अस्पताल
- PHC/CHC
- स्वास्थ्य योजनाएँ
4. कृषि और किसान हित
- MSP संबंधित स्थानीय निर्णय
- कृषि विभाग
- सिंचाई प्रोजेक्ट
5. बिजली, पानी, सड़कें (स्थानीय स्तर)
- राज्य बिजली बोर्ड
- जल आपूर्ति
- राज्य हाईवे
6. भूमि और राजस्व प्रणाली
- जमीन रजिस्ट्रेशन
- प्रॉपर्टी टैक्स
7. रोजगार और श्रम कानून
- राज्य रोजगार कार्यालय
यानी राज्य सरकार सीधे आम जनता की रोज़मर्रा की जरूरतों से जुड़ी होती है।
4. केंद्र सरकार और राज्य सरकार में मुख्य अंतर (Simple Comparison)
विषय केंद्र सरकार राज्य सरकार
क्षेत्र पूरे देश एक राज्य
प्रमुख प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री
प्रमुख दायित्व रक्षा, विदेश नीति, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य,
राष्ट्रीय कानून कृषि
संसद/विधान संसद विधानसभा
कानून संघ सूची राज्य सूची
राजस्व स्रोत आयकर, वस्तु सेवा संपत्ति कर, एक्साइज,
कर, कॉर्पोरेट टैक्स स्थानीय कर
पुलिस नियंत्रण नहीं (केंद्र के पास हाँ (राज्य पुलिस)
केवल पैरामिलिट्री)
5. समवर्ती सूची — किसे ज्यादा अधिकार?
कुछ विषय ऐसे हैं जो केंद्र और राज्य, दोनों के नियंत्रण में आते हैं, जैसे:
- शिक्षा
- वन
- विवाह और तलाक
- मजदूरी कानून
लेकिन, यदि दोनों सरकारें किसी विषय पर अलग-अलग कानून बनाती हैं, तो—
👉 केंद्र सरकार का कानून मान्य होता है।
6. क्यों जरूरी है कि दोनों सरकारें साथ काम करें?
भारत जैसे विशाल देश को सफलतापूर्वक चलाने के लिए—
- दोनों स्तर की सरकारों का सहयोग
- राजस्व का उचित बंटवारा
- राष्ट्रीय और स्थानीय हितों का संतुलन
बहुत आवश्यक है।
यदि सहयोग न हो तो कई योजनाएँ अटक सकती हैं।
7. आम नागरिक पर इन दोनों सरकारों का क्या प्रभाव पड़ता है?
केंद्र सरकार का प्रभाव
- GST
- पासपोर्ट
- राष्ट्रीय सुरक्षा
- राष्ट्रीय योजनाएँ (PMAY, PMKisan आदि)
राज्य सरकार का प्रभाव
- बिजली बिल
- पानी सप्लाई
- पुलिस
- परिवहन
- स्कूल/कॉलेज
यानी आपका दैनिक जीवन ज्यादा प्रभावित होता है राज्य सरकार से, लेकिन राष्ट्रव्यापी फैसले केंद्र सरकार से।
8. निष्कर्ष (Conclusion)
भारत की प्रशासनिक व्यवस्था केंद्र और राज्य दोनो स्तरों पर चलती है।
दोनों की अपनी-अपनी शक्तियाँ और जिम्मेदारियाँ तय हैं।
केंद्र राष्ट्रीय स्तर पर देश को दिशा देता है, जबकि राज्य सरकारें स्थानीय जरूरतों पर फ़ोकस करती हैं।
👉 दोनों मिलकर भारत को एक मजबूत संघीय राष्ट्र बनाती हैं।